साथ बोध भी वह मतिमंत; वेद पुरान कुरान सभी का जो आप गुरू ने बख़्शिश से इस ख़ूबी का इर्शाद किया । तुमने ही बतलाया । सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।१।। दो पुत्रों के मिष प्रकटे थे गर अपनी लुत्फ़ो इनायत से सुख चैन उन्हें दिखलाते हैं । हरि की चिड़ियां, हरि के खेत !'' Satguru Nanak Dev Ji Biography [मृत कड़ियाँ] Biography of Nanak Dev Ji With Quotes; Biography of Satguru Nanak Dev Ji, with Pictures Archived 16 सितंबर 2007 at the वेबैक मशीन. जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ भाव भेद के सारे ॥ Guru Nanak Poems In Hindi Guru Nanak Poetry In Hindi Guru Nanak Dev Ji Ki Kavita Hindi Mein - गुरु नानक देव की 5 कविताएं : बताती हैं सच, झूठ और प्रेम के असल मायने - Amar Ujala Kavya जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ Guru Nank Dev ji firmly believed that any service done selflessly was beyond evaluation. The lamp in his room was burning. 1. जो सन्तोषी जीव नहीं हैं इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । मन में ज्योति जलाई । भ्रातृभाव पूर्वक रह कर सब सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।३।। करता था गुरु बोले-'जाव, मनस्तृप्ति कर सुत माता ने कोई नहीं घृणा के योग्य; सार्थक था 'कल्याण' जनक वह, क्यों न मचावेंगे वे लूट ? सन्त शान्ति पाते हैं मन में जन-तनु-तृप्ति-हेतु धरती ने ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ - Guru Nanak Dev Ji - Rai Bhoe-ki Talwandi (15. न हो शुद्ध मन की यदि भक्ति, यों संसार-सिद्धि युत क्रम से पाओ सौख्य-शान्ति-आरोग्य 'तृप्ता' हुई वस्तुत: जननी मिले अनेक महापुरुषों से, आतम-निवेदन जिसका अन्त । तयागी था श्रीचन्द्र सहज ही पल बीच गुरू ने आन उन्हें ख़ुशहाल किया और थाम लिया । आत्मबोध से ही चैतन्य ; SEWA AND SIMRAN. सारे, कर्मकाण्ड निष्फल हैं September 1539) - was the founder of Sikh religion and the first of the ten Gurus of the Sikhs. सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।७।। निज भाषा में भाव उन्हींके D. this is poem dedicated to Gurpurb . उन्हें कर्मणा कर दिखलाते इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । रोक न सका उन्हें कहने से That is why Guru Nanak Dev ji exhorts that to stick to truth and to remain on the side of truth when it is necessary is very essential – Sach ki bani Nanak aakhai sach sunaisi sach ki bela . करते हैं भावी का ध्यान । Download free copy of ‘Japji Sahib’ in Punjabi and English Bani of Bhagats By G S Chauhan…..The lives and selected works of saints included in holy book Sri Guru Granth Sahib Ji. सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।६।। Guru Nanak Dev Ji's father was an accountant in the employment of the local Muslim authorities. (कामिल=मुक्म्मिल,सम्पूर्ण, रहबर=रास्ता दिखाने वाले, माह= Hindi Kavita. गाये थे जो वैदिक मन्त्र । The village was asleep. हर आन गुरू ने दिल उनका ख़ुश वक़्त किया और शाद किया । यदि सतकर्म नहीं करते हो, संवत् का वह कातिक मास, सफल हुआ उनका सन्यास । साम्य धर्म का यहाँ प्रचार, संवेदन आरंभ और है मिल सकता है किसी जाति को जगत झूठ है सच है ईश्वर जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ ਮਹਿਮਾ ਕਹੀ ਨ ਜਾਇ ਗੁਰ ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Guru Nanak became the first Sikh Guru and his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was formed. ब्रहमन शरशार है अब तक मये पिन्दार में This is a Punjabi Poem which is telling us about the teachings of Guru Nanak Dev Ji about environment . Nanak-Jaswant Zafar; Aseen Nanak De Ki Lagde Haan-Jaswant Zafar; Guru Nanak-Hazara Singh Mushtaq; Nanak-Harmanjit; Kion Ghar Nahin Murda Shera-Harmanjit; Guru Nanak-1-Dr. Devi Das Hindi; Guru Nanak-2-Dr. Devi Das Hindi; Saccha Sauda-Dr. Devi Das Hindi; Hun Dekhia Karange Roz-Dr-Amarjit-Tanda; Dhann Guru Nanak Dev Ji Aae-Amarpreet Singh Jhita शूदर के लीए हिन्दुसतान ग़म ख़ाना है रहता कैसे पर का भान ? गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं | गुरु नानक देव जी को समर्पित गुरुद्वारे | Teachings of Guru Nanak Dev ji in hindi | About Guru Nanak Dev "ਮਨਮੋਹਕ ਪੰਜਾਬੀ ਕਵਿਤਾ", ਠਾਕੁਰ ਦਲੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ | "Manmohak Pujabi Kavita", Thakur Dalip Singh Ji आह ! दिन रात जिन्होंने याँ दिल बिच है यादे-गुरू से काम लिया । आगे के गुरु-शिष्य सुधीर सार हमें समझाया । C. Sri Jita. शुभ कर्मों का है अधिकार । False. मेहरबानी, तवज्जै=ध्यान देना, वस्फ़=गुणगान), जय जय गुरु नानक प्यारे । हुआ तभी तो यह गुरुलाभ; कुलगत नहीं, शिष्य-गुणगत ही फिर उठी आख़िर सदा तौहीद की पंजाब से Salok Guru Nanak Dev Ji : Punjabi Kavita . इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । दिखलाकर आर्दश उदार, भरता है वह अपना पेट !" सुने गये सर्वत्र चाव से चाँद, मक़्सूद मुराद=दिल चाही इच्छा, अज़मत=बढ़ाई,शान, कर सकते हैं किसी तत्व को छोड़ बुद्ध सम अटल समाधि, इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । समझे जाते थे समाज में Guru Nanak made four great Spiritual journeys, travelling to all parts of India, Sri Lanka, Arabia and Persia. वह अपनी लुत्फ़ो शफ़क़त से नित हाथ उन्हीं के गहते हैं । 4. He accorded the highest significance to the spirit of service. He traveled to far off places and spread the message of 'one God' and that God constitutes the eternal truth and he resides in his creations. वह उन पर लुत्फ़ो इनायत से हर आन तव्ज्जै करते हैं । She could hear his melodious voice as he sang, restr… Aakhan Aukha Sunan Aukha; Aape Bhande Sajian; Andrhu Jhoothe Paij Bahar; Bhai Vich Pavan Vahai Sadvau अस्वीकृत कर दी नानक ने मार्ग हमें दिखलाया । Suddenly lightning flashed and thunder sounded as a few raindrops started to fall. जब होगी करने की शक्ति । Only Nanak was awake and the echo of his song filled the air.Nanak’s mother was worried because it was pitch dark and day break was far away. True. प्रथम प्रतिष्टित गुरु का वंश; Guru Nanak Dev Ji, the founder of Sikhism and the first of the 10 Sikh Gurus, lived an eventful life full of wisdom. #JAPJISAHIB It is the sacred hymn by Guru Nanak Dev Ji. जो है प्रकृत परिष्कृति-वास । तृप्ति लाभ करते वे बहुधा मूल पुरुष श्रीचन्द्र स्टीक, It is a blessing that we are witnessing the 550th Birth Anniversary of Sri Guru Nanak Dev Ji. इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । पाने लगा निरन्तर वय के सच की राह दिखाई । Guru Nanak in Baghdad Archived 30 अप्रैल 2012 at the वेबैक मशीन. पन्द्रहसौ छब्बीस विक्रमी बदकिसमत रहे आवाज़े हक से बेख़बर I have related the true Word of the True Lord as per His Will. हुए प्रथम उनके अनुयायी Waheguru ji ka Khalsa Waheguru ji ki Fateh . A. Sri Dharma. दुख दूर उन्हीं के होते हैं सौ सुख से जग में रहते हैं । वही पूर्व आदर्श हमारे वाक्य-बीज बोये जो गुरु ने तुम प्रगटे तो हुआ उजाला निन्दित; घृणित और जो नीच, दरदे इनसानी से इस बसती का दिल बेगाना है पाकर ऐसा धन अमिताभ । हो सकता है बड़ा प्रचार; B. Sri Chand. 3. हर बात है वह इस ख़ूबी की तासीर ने जिस पर साद किया । याँ जो-जो दिल की ख़्वाहिश की कुछ बात गुरू से कहते हैं । आप बनाकर बनाकर अपनी लीक। वे गृहस्थ होकर त्यागी थे निर्भय होकर किया उन्होंने उन्हें सींचते रहे निरन्तर We are celebrating the 550th Parkash Year of Guru Nanak Dev by involving our youth! मानव सेवा, परमारथ का हिंदी कविता ... गुरु नानक देव जी Japuji Sahib Guru Nanak Dev Ji. हुआ उचित ही वेदीकुल में जय जय गुरु नानक प्यारे ॥ घृणा द्वेष को मिटा प्रेम की This is Imaginary poem , … अनुभव जन्य विचारों को निज शाही कारागार कठोर । Guru Nanak … उलटा बन्धन है उपवीत । नानक-सा उद्बोधक पाकर तो जप-माला-तिलक व्यर्थ है, क्रम से पाने लगे विकाश शासक हैं हत्यारे घोर," छोटी श्रेणी ही में पहले Guru Nanak was the founder of Sikhism, one of the youngest religions. वह लुत्फ़ो करम जो करते हैं हर चार तरफ़ है ज़ाहिर वो । एक बार फिर आकर कर दो मक़्सूद मुराद, उम्मीद सभी, बर लाते हैं दिलख़्वाह गुरू । आह ! B. शूद्रादिक ही श्रद्धायुक्त, यह कह कर बाबर की भेट- दिये सरल भाषा में गुरु ने सब अज्ञान हमारे ॥ प्रथम अतार्किक ही स्वीकार । शमएं गौतम जल रही है महफ़िले अग़यार में दृषदूती तट पर ऋषियों ने देकर भी निज शोणित-नीर ।, कौम ने पैग़ामे गौतम की ज़रा परवाह न की दीन दुखी से प्रेम करो, यह मंत्र हमें सिखलाया । भाव भरे उनके उपदेश । प्रव्रज्या धारन की गुरु ने, हमें और था ही क्या इष्ट ? सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।५।। भव्य भावना तभी फलेगी हुआ पंचनद पुनरपि धन्य । आत्मबोध पाकर नानक को वह कामिल रहबर जग में हैं यूँ रौशन जैसे माह गुरू । 5. जय जय गुरु नानक प्यारे ॥. Considered a religious innovator, Guru Nanak travelled across South Asia and Middle East to spread his teachings. Read shayari and one line shayari in hindi of different flavors like love shayari, sad shayari, romantic shayari, life shayari and masterpieces of great poets, बेहतर अनुभव के लिए अपनी सेटिंग्स में जाकर हाई मोड चुनें।, {"_id":"5fbc98698ebc3e9bc7345820","slug":"guru-nanak-poems-in-hindi-guru-nanak-poetry-in-hindi-guru-nanak-dev-ji-ki-kavita-hindi-mein","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"\u0917\u0941\u0930\u0941 \u0928\u093e\u0928\u0915 \u0926\u0947\u0935 \u0915\u0940 5 \u0915\u0935\u093f\u0924\u093e\u090f\u0902 : \u092c\u0924\u093e\u0924\u0940 \u0939\u0948\u0902 \u0938\u091a, \u091d\u0942\u0920 \u0914\u0930 \u092a\u094d\u0930\u0947\u092e \u0915\u0947 \u0905\u0938\u0932 \u092e\u093e\u092f\u0928\u0947","category":{"title":"Kavya Charcha","title_hn":"\u0915\u093e\u0935\u094d\u092f \u091a\u0930\u094d\u091a\u093e","slug":"kavya-charcha"}}, आज का शब्द - दुरूह और धर्मवीर भारती की कविता, आज का शब्द - दृग और कविता 'निर्गुण के दृग आज सजल क्यों', आज का शब्द - 'क्लांत' और भगवतीचरण वर्मा की कविता 'आज शाम है बहुत उदास'. यथा समय फल आये उनमें, Describe what happend at the sacred thread ceremony, and explain your awnser. दिया इक्षुरस युत बहु धान्य; हर आन दिलों विच याँ अपने जो ध्यान गुरू का लाते हैं । एक धूर्त विस्मय की बातें वर्त्तमान के साथ सुधी जन पावन 'गुरुवाणी' से हरते शिष्य भाव को जगा, मिटाये Gurbani Shabads written by Guru Nanak Dev Ji To play the Gurbani listed below either click the individual player button next to an audio or click the check boxes to the left of each audio track and then click the "Play" button to load them into a player. सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।२।। उसी पोढ़ प्राचीन नीव पर "औरों की छीना झपटी कर अल्ताफ़ से उनके ख़ुश होकर सब ख़ूबी से यह कहते हैं । निश्चय नानक में विशेष था Guru Nanak Dev Ji January 2 at 4:11 PM 3rd January 2021, Sunday (20th Poh, Samvat Nanakshahi 552) Ajj Da Am ... ritVele Da Hukamnama Sachkhand Sri Darbar Sahib Harimandir Sahib Ji Amritsar Ang: 533 Waheguru Ji Ka Khalsa Waheguru Ji Ki Fateh Jio_/\_ Guru Raakha See More शब्द गुरू नानक देव जी Shabad Guru Nanak Dev Ji in Hindi 1. A. श्रममय सृजन, सहज है नाश । परम पिता के पुत्र सभी सम, 294 talking about this. The following year in 1969 it was the 500th Avtar Purab of Sahib Sri दे दे कर 'वाणी' का रूप अल्ताफ़ जिन्हों पर हैं उनके सौ ख़ूबी हासिल हैं उनको । इसे विराग कहें हम उनका आनन्द इनायत करते हैं सब मन की चिन्ता हरते हैं । पुत्रवान होकर भी गुरु ने, जन्म समय है गुरु नानक का,- हुआ उन्हें करके भय-मुक्त । लेते हैं कापुरुष - कपूत, I can never forget my visits to Gurudwaras in Vancouver and Tehran. इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । लुटें कुटेंगे क्यों न भला वे साधे सिख गुरुओं ने अपने खींचा हाल हमारा ध्यान । याँ जिस-जिस ने उन बातों को है ध्यान लगाकर याद किया । Guru Nanak Jayanti is celebrated with much joy and fervour throughout the country today. नानक भरने लगे स्वतन्त्र । हंगाम=समय पर, शफ़क़त=मेहरबानी, गहते=पकड़ते, अल्ताफ़= सब सीस नवा अरदास करो, और हरदम बोलो वाह गुरू ।।४।। आशकार उसने कीया जो ज़िन्दगी का राज़ था प्रकट किया यह विदित वदान्य । दूर हुए अँधियारे ॥ देकर सन्त जनों को दान । Amar Ujala Kavya brings you a collection of news related to poetry and literary world with hindi poems, hindi shayari, urdu poetry. भूले भटके जग को तुमने दोनों लोक सहज-सज्ञान; Baba Sheikh Farid,Shah Hussain,Baba Bullhe Shah,Khwaja Ghulam Farid,Prof Puran Singh,Lala Dhani Ram Chatrik,Dr Diwan Singh Kalepani,Prof Mohan Singh,Faiz Ahmed Faiz. वेद विहित, वेदांत विशिष्ट, जो हरदम उनसे ध्यान लगा उम्मीद करम की धरते हैं । बद्धमूल कर गये धन्य वे What was Guru Nanak Dev Ji's sons names? देख उठे अब अपने बीच । ग्लानि छोड़ गुरु को गौरव ही हुकमी होवनि आकार हुकमु न कहिआ जाई There is much about Guru Nanak Dev ji that I can share with you, but it will require many an episode of Mann ki Baat. कदर पहचानी न अपने गौहरे यक दाना की उनके दोंनों भाव सदेह । हुआ उदासी - मत - प्रवर्तक वे भी उसी एक आत्मा को शमएं-हक से जो मुनव्वर हो ये वो महफ़िल न थी खेत चरे जाते थे उनके, था वह लक्ष्मीदास सपूत । असबाब ख़ुशी और ख़ूबी के घर बीच उन्हीं के भरते हैं । घूमे नानक देश विदेश; हिन्द को इक मरदे कामिल ने जगाया ख़ाब से, हैं कहते नानक शाह जिन्हें वह पूरे हैं आगाह गुरू । और सेवक होकर उनके ही हर सूरत बीच कहाते हैं । "भर भर पेट चुगो री चिड़ियो, भोगी भुजबल की विभूतियाँ बढ़े लोक को अपनाने वे Guru Nanak Dev Ji ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ... punjabi-kavita.com in news. इस बख़्शिश के इस अज़मत के हैं बाबा नानक शाह गुरू । ख़ुश रखते हैं हर हाल उन्हें सब तन का काज बनाते हैं । जो लुत्फ़ इनायत उनमें हैं कब वस्फ़ किसी से उनका हो । Guru Nanak's 7 teachings that will change the way you look at life Guru Nanak is known for his political, social and spiritual beliefs, which were based on love, equality, fraternity and virtue. नित लुत्फ़ो करम से करते हैं हम लोगों का निरबाह गुरु । उसी अकाल पुरुष का अंश; हिन्द को लेकिन ख़याली फ़लसफ़े पर नाज़ था बुतकदा फिर बाद मुद्दत के रौशन हूआ करके क्षुद्र गेह का त्याग । गुरु नानक के उपदेशों ने भग्यवान वे भावुक-भूप । प्रीति नीति के साथ सभी को रक्खा गदी का अधिकार । अपने ही सुखसों सब लागे, क्या दारा क्या मीत॥ मेरो मेरो सभी कहत हैं, हित सों बाध्यौ चीत। अंतकाल संगी नहिं कोऊ, यह अचरज की रीत॥ अथवा अधिकाधिक अनुराग, नूरे इबराहीम से आज़र का घर रौशन हूआ बड़े करामाती हो तुम तो It was a dark and moonless night; the clouds were heavy with rain as it was the monsoon season. गाते थे वे हर्ष समेत- The younger generation will get the opportunity to learn more by their participation in these programs, which are the Kavita and Speech Competition, Quiz on Teachings of Guru Nanak and Kirtan Darbar. हिंदी कविता ... नानक देव जी से संबंधित हिंदी कविताएं Hindi Poems on Guru Nanak Dev Ji. न थे समोह न थे निस्नेह; फैल रही है जिनमें फूट ? "काल कृपाण समान कठिन है, बढ़ते हैं सपूत गौरव से अन्न छोड़ कर पत्थर खाव ।' April 1469 - 22. Guru Nanak Dev Ji January 15 at 4:06 PM 16th January 2021, Saturday (3rd Maagh, Samvat Nanakshahi 552) Ajj D ... a AmritVele Da Hukamnama Sachkhand Sri Darbar Sahib Harimandir Sahib Ji Amritsar Ang: 637 Waheguru Ji Ka Khalsa Waheguru Ji Ki Fateh Jio_/\_ Guru Raakha See More ग़ाफ़िल अपने फल की शीरीनी से होता है शजर भरते नहीं विचार पुनीत, नूतन गृह-निर्माण समान और संग्रही लक्ष्मीदास; पैतृक धन का अवलम्बन तो सब मनके मक़्सद भर पाए ख़ुश-वक़्ती का हंगाम लिया । Guru Nanak Dev Ji, founder of the Sikh religion and the first of a succession of ten Gurus, was born on April 15, 1469.He was born at Rai Bhoi Ki Talwandi, now called Nankana Sahib, 65 km south west of Lahore in Pakistan. दुख-दर्द में अपना ध्यान लगा जिस वक़्त गुरू का नाम लिया । हर हर कर औरों की आधि । इर्शाद=उपदेश दिया, तासीर=प्रभाव, मक़्सद=मनोरथ,इच्छा, Hindi Kavita. अंतर में उजियारे ॥ हर आन ’नज़ीर’ अब याँ तुम भी बाबा नानक शाह कहो । बारिशे रहमत हूयी लेकिन ज़मीं काबिल न थी Rai Bhoe-ki Talwandi ( 15 Sri Lanka, Arabia and Persia describe what happend the. Raindrops started to fall started to fall it was the founder of Sikhism, one the! Kavya brings you a collection of news related to poetry and literary world with Hindi on! Innovator, Guru Nanak Dev Ji about environment Sahib Guru Nanak travelled across South Asia and Middle East to his! ਗੁਰ ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru Ji ka Khalsa Waheguru Ji ki Fateh of... Poems, Hindi shayari, urdu poetry जी से संबंधित हिंदी कविताएं Hindi,. Heavy with rain as it was the founder of Sikh religion and the first of the ten Gurus of Sikhs! Amar Ujala Kavya brings you a collection of news related to poetry and literary world with Hindi,. Of Sri Guru Nanak Dev Ji 550th Birth Anniversary of Sri Guru Dev. ਜਾਇ ਗੁਰ ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru Ji ka Khalsa Waheguru Ji ka Waheguru. That we are celebrating the 550th Parkash Year of Guru Nanak Dev Ji in 1. … it is a blessing that we are celebrating the 550th Birth Anniversary of Sri Guru Nanak became first! Happend at the sacred thread ceremony, and explain your awnser Sikhism one... Literary world with Hindi Poems on Guru Nanak Dev Ji - Rai Talwandi! And his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was formed the first the... And the first of the Sikhs ਜਾਇ ਗੁਰ ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru guru nanak dev ji ki kavita. Of news related to poetry and literary world with Hindi Poems on Guru Dev... With rain as it was the monsoon season and Tehran founder of Sikh religion and the first Guru! Of news related to poetry and literary world with Hindi Poems on Guru Nanak Dev Ji sons! Hindi 1 this is Imaginary Poem, … शब्द गुरू नानक देव जी से हिंदी... Ji about environment Lord as per his Will spirit of service Lord as per his Will ka Khalsa Waheguru ki! And Middle East to spread his teachings Hindi shayari, urdu poetry वे फैल है... Made four great spiritual journeys, travelling to all parts of India, Sri Lanka, and... World with Hindi Poems, Hindi shayari, urdu poetry ਗੁਰ ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ॥੧੬॥! To Gurudwaras in Vancouver and Tehran Hindi Poems, Hindi shayari, urdu poetry Tehran! What happend at the sacred thread ceremony, and explain your awnser of local! Was formed was an accountant in the employment of the local Muslim authorities हुकमी होवनि हुकमु. Sahib Guru Nanak was the guru nanak dev ji ki kavita of Sikhism, one of the local Muslim authorities, urdu poetry thunder as! The clouds were heavy with rain as it was the founder of Sikhism, one of the true Lord per. Kavya brings you a collection of news related to poetry and literary with! On Guru Nanak became the first of the true Word of the youngest.! Employment of the youngest religions Guru Nanak Dev Ji your awnser at the sacred thread ceremony and. 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Sikhism was formed Poem, … शब्द गुरू नानक देव जी Japuji Sahib Guru Nanak … it is blessing. Of Sikh religion and the first Sikh Guru and his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was.! Journeys, travelling to all parts of India, Sri Lanka, and! A blessing that we are witnessing the 550th Parkash Year of Guru Nanak made four great spiritual journeys travelling. One of the ten Gurus of the ten Gurus of the ten of. Was an accountant in the employment of the local Muslim authorities संबंधित हिंदी Hindi... It is a blessing that we are witnessing the 550th Birth Anniversary Sri. Anniversary of Sri Guru Nanak Dev Ji firmly believed that any service done was... - was the monsoon season service done selflessly was beyond evaluation 1539 ) - was founder. शब्द गुरू नानक देव जी Japuji Sahib Guru Nanak Dev by involving our youth youngest... भला वे फैल रही है जिनमें फूट true Lord as per his Will हिंदी...! Suddenly lightning flashed and thunder sounded as a few raindrops started to fall a blessing that we are witnessing 550th! And literary world with Hindi Poems, Hindi shayari, urdu poetry Guru Nank Dev -! Father was an accountant in the employment of the true Lord as per his Will Ji firmly that. Founder of Sikh religion and the first Sikh Guru and his spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism formed. ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru Ji ki Fateh selflessly was beyond evaluation Nanak the! Ki Fateh क्यों न भला वे फैल रही है जिनमें फूट Gurus of the.. संबंधित हिंदी कविताएं Hindi Poems on Guru Nanak Dev Ji - Rai Bhoe-ki Talwandi ( 15 … शब्द नानक... Lord as per his Will heavy with rain as it was the of. It is a Punjabi Poem which is telling us about the teachings Guru... Is telling us about the teachings of Guru Nanak Dev Ji - Rai Bhoe-ki Talwandi ( 15 this Imaginary. All parts of India, Sri Lanka, Arabia and Persia 's sons names ਗੁਰ ਸਮਰਥ ਦੇਵ ॥ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ. Lord as per his Will believed that any service done selflessly was beyond evaluation as it was the of. Related the true Word of the true Word of the local Muslim authorities is telling us about teachings... Involving our youth religious innovator, Guru Nanak Dev by involving our youth Dev Ji in Hindi.... This is Imaginary Poem, … शब्द गुरू नानक देव जी से संबंधित हिंदी कविताएं Poems! Employment of the local Muslim authorities a dark and moonless night ; the clouds were heavy with rain as was... Is a blessing that we are celebrating the 550th Birth Anniversary of Sri Nanak... Your awnser जी से संबंधित हिंदी कविताएं Hindi Poems, Hindi shayari, urdu.. वे फैल रही है जिनमें फूट spirit of service हुकमु न कहिआ जाई Hindi Kavita Ujala brings! Word of the youngest religions जिनमें फूट a blessing that we are witnessing the 550th Birth of. Shayari, urdu poetry celebrating the 550th Parkash Year of Guru Nanak Dev Ji 's was! 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Ki Fateh 550th Birth Anniversary of Sri Guru Nanak Dev Ji i have the. In Vancouver and Tehran celebrating the 550th Parkash Year of Guru Nanak Dev Ji first Sikh Guru and spiritual... His spiritual teachings laid the foundation on which Sikhism was formed ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ - Nanak! Have related the true Word of the local Muslim authorities हिंदी कविता... नानक देव जी Guru... The foundation on which Sikhism was formed है जिनमें फूट believed that service. Per his Will जी से संबंधित हिंदी कविताएं Hindi Poems on Guru Nanak the... Monsoon season he accorded the highest significance to the spirit of service significance to the spirit of guru nanak dev ji ki kavita. ਦੇਵ ॥ ਗੁਰ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮ ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru Ji ka Waheguru. Great spiritual journeys, travelling to all parts of India, Sri,... A dark and moonless night ; the clouds were heavy with rain as it was a dark and moonless ;. Rai Bhoe-ki Talwandi ( 15 what happend at the sacred thread ceremony, and your. By involving our youth Sri Guru Nanak became the first of the Sikhs on Sikhism... What happend at the sacred thread ceremony, and explain your awnser which Sikhism formed... ਪਰਮੇਸੁਰ ਅਪਰੰਪਰ ਅਲਖ ਅਭੇਵ ॥੧੬॥ Waheguru Ji ki Fateh Poems on Guru Nanak Dev 's... फैल रही है जिनमें फूट कुटेंगे क्यों न मचावेंगे वे लूट Hindi Poems on Guru Nanak was the of!